माँ

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Ritik-Kalar

प्यारी-प्यारी मेरी माँ,
प्यारी-प्यारी मेरी माँ।
सारे जग से ‘‘न्यारी माँ’’
लौरी रोज सुनाती है
झपकी दे सुलाती है।
जब उतरे आँगन में तू
प्यार से मुझे जगाती है।
देती चीजे सारी माँ।
प्यारी-प्यारी मेरी माँ।
उँगली पकड़ चलाती है,
सुबह-शाम घुमाती है।
ममता भरे हुए हाथों से,
खाना रोज खिलाती है।
देवी जैसी मेरी माँ
सारे जग से न्यारी माँ
प्यारी-प्यारी मेरी माँ।।

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